हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , शेख़ हुसैन ग़बरीस ने अपने वीडियो पैग़ाम में कहा कि रहबर-ए-मुअज़्ज़म की मदबराना क़ियादत ईरानी अवाम के इत्तेहाद व एकजहती का बुनियादी सबब है।
उन्होंने ईरान के हालिया फ़सादात और इंक़िलाब-ए-इस्लामी ईरान की कामयाबी की सालगिरह के मौक़े पर विलायत व क़ियादत के मक़ाम का दिफ़ा करते हुए कहा,आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामेनई की हकीमाना क़ियादत मुसलमानान-ए-ईरान के इन्सिज़ाम का महवर है और उनकी तौहीन सुर्ख लकीरों से तजावुज़ शुमार होगी।
लबनानी आलिम-ए-दीन ने इंक़ेलाब-ए-इस्लामी के तसलसुल पर एतमाद का इज़हार करते हुए मिल्लत-ए-ईरान को मुख़ातिब किया और कहा कि हमें यक़ीन है कि इस्लामी जम्हूरिया ईरान को कोई नुक़सान नहीं पहुँचेगा।
उन्होंने कहा कि हम लेबनान से जिसने इस इंक़िलाब को पहचाना, आज़माया और हमेशा इस बाबरकत तहरीक के साथ खड़ा रहा है यही पैग़ाम देते हैं कि ऐ मिल्लत-ए-ईरान! ख़ुदा की बरकत व इनायत के साथ अपने रास्ते पर साबित-क़दम रहें। हम आपके लिए दुआगो हैं और आपके मौक़िफ़ के साथ हैं।
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